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मेरी गरम सालियां
09-07-2014, 02:03 AM (This post was last modified: 09-07-2014 02:04 AM by rajbr1981.)
Post: #1

मेरी गरम सालियां
मनोज की शादी हुए 2 साल हो चुके थे . मीना नाम है उसकी बीबी का . मनोज का गारमेंट बनाने की फैक्ट्री है . उसके कारखाने मे बनाये हुए लेडीज़ नाईटी बहुत पोपुलर है . काफी सेक्सी नाईटी बनाता है . कभी कभी अपनी फैक्ट्री की बनी हुई नाईटी को और काट छांट कर अपनी बीबी मीना के लिए घर ले कर आ जाता था . मीना के गोरे और सुंदर बदन पर यह नाईटी काफी सेक्सी लगाती थी . उसके बदन पर नाईटी से ज्यादा उसका बदन झलकता था . मनोज भी चाहता था की मीना जब रात को रूम मे आए तो उसके मखमली बदन को देखने के लिए ज्यादा तडपना न पड़े . उसकी गोरी चिट्टी चुचिया उसकी नाईटी से झलक पड़ती थी . उसे देखकर मनोज का लंड फन फना जाता था..और लंड उसके बदन से नाईटी के उतरनेका इंतज़ार करता था. मनोज कभी भी कंडोम नही लगाता था और इसीलिये सुहागरात को ही मीना गर्भवती हो गई थी...उसके बाद उसे मासिक ही नही हुआ.मीना प्रेगनेंट है और उसकी डिलिवरी का टाइम आ चुका था . मीना ने अपने पीहर फ़ोन करके अपनी चचेरी बहन रीना को बुलवाया था . रीना अपनी एक और बहन कंचन के साथ अपने जीजी के घर पर आती है . कंचन को पेंटिंग करना पसंद था . वोह अपनी पेंटिंग की प्रदर्शनी लगवाना चाहती थी इसीलिये रीना के साथ मुम्बई चली आई . कंचन एक कुशल डांसर भी थी . कॉलेज के फंक्शन मे जब वोह डान्स करती थी तो कई मनचलों के दिल की धड़कन बढ़ जाया करती थी .रीना जब पिछली बार एक साल पहले जब अपने जीजी के घर आई थी तब मीना , मनोज और रीना काफी हँसी मज़ाक कर के अपना टाइम पास कर लिया करते थे . रीना अपने जीजा जी के काफी क़रीब हो गई थी . हालांकि उनके शारीरिक सम्बन्ध नहीं बने थे लेकिन अपनी जीजी के सामने मनोज से काफी लिपट चिपट कर रहती थी . आलिंगन और चुम्बन तक ही सम्बन्ध कायम हो पाए थे . और मीना भी उसे बुरा नही मानती थी .कहती थी की जीजा और साली के बीच मे यह सब चलता है .मीना , रीना और कंचन आपस मे चचेरी बहने थी . उनकी उम्र मे ज्यादा फरक नही था . तीनो काफी गोरी और सेक्सी बदन की मलिक थी . तीनो मे कौन ज्यादा खूबसूरत है यह कहना काफी मुश्किल था .जब शाम को मनोज घर आया तो उसे बेडरूम से काफी आवाजे और हंसाने की आवाजे सुने दी . वोह समझ गया की रीना आ गई है . उसका मन हिचकोले खाने लगा . क्यों नही आख़िर उसकी सबसे सेक्सी साली जो थी .वैसे भी पिछले तीन महीने से उसके लंड को चूत नही मिली थी और उसे पूरा भरोसा था की इस बार वो रीना की चूत चोद लेगा वोह जैसे ही रूम मे घुसा तो देखता है की उसकी साली एक नही दो -दो सालिया मीना के साथ बेड पर बैठ कर उसके द्वारा लायी गई नाईटयों को देख रही है . मनोज सीधा रीना के पीछे जाकर उसकी आंखों को अपने हाथों से बंद कर अपने से चिपका लिया ..ऐसे ही उसका लंड भी खड़ा हो रहा था और वो रीना के पीठ पर तुका दिया था उसने पैंट के अन्दर से..रीना कहने लगी , "अरे क्या जीजा जी , बड़ी देर करदी घर आने मे . आपको तो मालूम था की हम लोग आज ही आने वाले है फिर भी देर से आए हो ."मनोज ने पलट -ते हुए जबाब दिया , "सॉरी my डार्लिंग . थोड़ा ऑफिस मे काम आगया था इसलिए लेट हो गई . चलो अब हमे माफ़ कर दो ."और अपने लंड को अभी भी उसके पीठ से चिपकाये रखा..रीना भी थोड़ा पीछे झुक कर उसे और दबा रही थी .लंड झटके मार रहा था.रीना ने मनोज के हाथों को अपने हाथों मे लेते हुए कहा , "चलो जाओ माफ़ किया . लेकिन आपको भी हमारी जीजी का ध्यान रखना चाहिए . इस हाल मे ज्यादा अकेले नही छोड़ना चाहिए ."तभी कंचन बोल पड़ी , "हम भी है इस महफ़िल मे ."मनोज कंचन की तरफ़ आँख मरते हुए कहा , "अब तुम्हारी जीजी को तो क्या , तुम दोनों को भी अकेले नही छोडूंगा ."फिर मनोज कंचन को थोड़ा खिसका कर वहीँ बेड पर ही अपने लिए जगह बाना कर बोला , "क्या बात है ?नाईटियों की प्रदर्शनी लगा रखी है ."रीना ने एक नाईटी को उठाकर उसके बीच मे से झांकते हुए बोली ," नही जीजा जी . हम सब तो यह देख रहे थे की इन नाईटियों को पहनने के बाद बदन पर नाईटी दीखती है या हमारा बदन ."कंचन आंख मारते हुए बोली , "जीजा जी बड़ी सेक्सी नाईटी डिज़ाइन करते हो . पुरा बदन उघाड़ कर रख देती है यह नाइटिया ."मनोज भी हाजिर -जवाब था . तुरंत बोल पड़ा ,

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09-07-2014, 02:05 AM
Post: #2
"जाओ इन्हे पहनकर आओ . हम भी जरा देखें की हमारी नाईटी ज्यादा सेक्सी है या तुम्हारा बदन ."इसी तरह उनके बीच हँसी मज़ाक चल रहा था . तभी एक जोक्स के बीच मीना को ज्यादा ही हँसी छुट गई . ज्यादा हंसने से उसके दरद उठाने लगा . सो फोरुं मीना को ले कर वोह तीनो हॉस्पिटल रवाना हो गए . और आधे घंटे के बाद नर्स ने एक लड़के के जनम लेने की बधाई उनको दी . मनोज , रीना और कंचन तीनो ही लड़के के जनम पर काफी खुश हुए . और एक दुसरे को बधाईयाँ दी . फिर Dr. की इज़ाज़त ले कर अन्दर जा कर मीना को भी बधाई दी . रात को रुकने के नाम पर पहले तो Dr. ने साफ मना कर दिया पर ज्यादा जोर देने पर Dr. ने कहा , "चलो आज रात तो एक जन रुक सकता है लेकिन कल किसी को रुकने की इज़ाज़त नही दूँगी . आख़िर हमारी नर्सें है जच्चा और बच्चा की देखभाल के लिए ."एक रात के लिए हाँ भरने पर रीना ने वहीँ रुकने का इरादा बताया..असाल मे उसे लगा की कंचन उसे रुकने नही देगी और ख़ुद रुकेगी..वो जीजा जी के साथ घर जायेगी..और फ़िर जीजा जी ने उस दिन जो लंड उसकी पीठ मे लगाया था उसे आज अपने मुह मे और चूत मे लेगी...लेकिन कंचन ने कुछ नही कहा..इसलिए रीना को ही रुकना पड़ा . मनोज रीना को वहीँ रुकते देख थोड़ा मायूस हुवा क्योंकि वोह आज रात रीना के साथ सेलेब्राते करने का प्लान बना रहा था . लेकिन कुछ न कहकर कंचन को लेकर वापस घर की तरफ़ चल पड़ा . घर के नीचे कंचन को छोड़ उस -से कहा की मई आधे घंटे मे आता हूँ .मनोज आधे घंटे बाद एक व्हिस्की की बोतल और एक शेम्पन की बोतल ले कर घर पर आ गया . डुप्लिकेट चाबी से दरवाज़ा खोल कंचन को आवाज दी . कंचन उस समय बाथरूम मे थी . बाथरूम से वापस जवाब दिया , "जीजा जी बाथरूम मे नहा रही हूँ . पंद्रह -बीस मिनट मे आती हूँ ."मनोज कंचन को बाथरूम मे देख हॉल मे व्हिस्की की बोतल बर्फ और ग्लास लेकर सोफा पर ही पसर गया . साथ ही VCD प्लेयर चालू कर इरोटिक डान्स की एक CD चालू कर दी . CD मे इंग्लिश धुन के साथ कई लडकिया आधी से ज्यादा नंगी हो कर नाच रही थी . मनोज भी इंग्लिश धुन के साथ बैठा बैठा झूम रहा था . उसकी भूखी आंखें उन गोरी लड़कियों के बदन पर जमी हुयी थी . उन नाचती गोरी हसीनो के मम्मे उनके कपड़े से बाहर आने को बैचेन थे . अपनी गोरी -गोरी झंघें फैला कर अपनी छुपी हुयी चूत का इजहार कर रही थी . मनोज की आँखें उनकी जांघों के बीच चिपकी हुयी थी . उसका भूखा लंड भी उनको नंगा देख बैचेनी से अन्दर ही अन्दर मचल रहा था . बूखा तो होना ही था कारन की Dr. ने मीना के साथ सोने से फिछले तीन महीने से ना कर रखा था जो .जब तक कंचन बाथरूम से आई तब तक मनोज दो पैग चढ़ चुका था . उसके आँखों मे व्हिस्की का सुरूर चढ़ाने लग गया था . कंचन ने अपनी जीजी मीना की एक नाईटी निकल कर पहन ली . जब कांच से अपने बदन को देखा तो कुछ झेम्प सी गई . बदन पर नाईटी तो थी फिर भी पुरा बदन साफ दिखाई दे रहा था . कांच मे अपने बदन को गौर से देखने लगी . अपने दोनों हाथों से अपने चुन्चियों को सहलाने लगी और अपनी निपल को चुटकी में भर कर दबाने लगी . रूम मे बैठकर चारो जब हँसी मज़ाक कर रहे थे तभी से ही उसकी चूत मे खलबली मची हुई थी . नॉन -वेग . जोक्स से पुरे बदन मे स्त्री और पुरूष के सम्बन्ध की विवेचना चल रही थी . साथ मे जीजा जी का बारबार उसके गालों पर चुम्बन उसको वासना की आग मे जला रहा था . मन ही मन जीजा जी के पसंद के दाद देने लगी . फिर भी उसने उसके ऊपर एक झीना गाऊन और पहन लिया .मनोज ने कहा कुछ नही . आओ बैठो . कंचन वहीँ खड़ी खड़ी बोली , "अकेले ही पियोगे या हमे भी कुछ चखने दोगे ."मनोज ने अपनी ग्लास को कंचन के चहरे के नजदीक ला कर उसके मदमस्त होंठों से लगा दिया . कंचन एक साँस मे ग्लास मे जितना था (आधे पैग से भी ज्यादा ) गटक लिया और लगी खांसने . अपना मुहं बिगाड़ते हुए बोली , "उफ़ , कैसी कड़वी है यह शराब ."मनोज हंसने लगा . फिर कंचन को अपने क़रीब खींच कर उसके होंठों पर पड़ी शराब की कुछ बूंदों को चाट लिया और बोला , "हमे तो कड़वी नही लगाती . लगता है पहली बार टेस्ट कर रही हो ."कंचन की उखड़ी साँस थोड़ी शांत हुयी तब बोली , "हा , पहली बार पी रही हूँ . इससे पहले एक दो बार बियर जरूर पी है ." फिर TV पर डान्स देखने लगी . मनोज ने भी कंचन को अपने पास सोफा पर बैठाकर एक -दो घूंट और पिला दिया . नशा जब हल्का हल्का चढ़ाने लगा तो कंचन बोली , "क्या ऐसा डान्स देख रहे हो . इससे अच्छा तो मे नाच सकती हूँ ."मनोज ने पहले सोचा की सायद नशा होने की वजह से वोह बोल रही होगी . लेकिन दूसरी बार कहने पर उसने TV बंद कर दिया और बोला , "तो दिखाओ मेरी जान .

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09-07-2014, 02:06 AM
Post: #3
हम भी देखें तुम कितना अच्छा नाच सकती हो ."चल्लेंज मान कर कंचन ने एक ऑडियो CD लगा कर नाचना चालू कर दिया . ऑडियो CD रीमिक्स सोंग्स की थी . और पहला गाना ही "कांटा लगा " था . कंचन कांटा लगा की धुन पर नाचने लगी . इसी बीच जो झीना गाऊन पहने हुए थी उसे निकाल कर मनोज की और उछाल फेंका . मनोज की साँसे ये सुब देख कर भारी हो उठी . उसके पुरे शरीर मे वासना की लहरे हिलोरे मार रही थी . लंड उत्तेजना से पागल हो रहा था . पुरे बदन मे लहू सन -सन -सन करके दौड़ रहा था . अपने लंड को किसी तरह से उसने दबा रखा था..कंचन का बदन कहीँ से भी स्थिर नही था . उसका जलवा अपने पुरे उफान पर था . कभी नजदीक आकर तो कभी दूर से ही मनोज को अपने बदन की नुमाइश कर के उकसा रही थी . शराब और शबाब अपने पुरी रवानी पर था . पूरे हॉल मे जोर जोर से उठ बैठ रही सांसे म्यूजिक से ताल से ताल मिला रही थी . कंचन धून के साथ अपनी ताल मेल बैठा कर मनोज को बेकाबू करने मे लगी थी . मनोज भी बेकाबू हो कर अपने सूख रहे होंठों पर जीभ बार बार सहला रहा था . कंचन की भरी भरी छातियां उछल उछल कर मनोज को आमंत्रण दे रही थी की आओ मुझे दबोच लो . उसकी मस्त जंघे हठी की सूंड की तरह झूम रही थी . कभी फैला कर तो कभी सिकोड़ कर अपनी चूत को दिखा और छुपा रही थी . पीछे घूम कर अपने चूतड मटका मटका कर नाच कर मनोज के लंड को उसने शायद एक इंच ज्यादा लंबा कर दिया और मोती की तो बात ही क्या थी.वह बेकाबू हो चुका था..तभी मनोज सोफे से उठकर कंचन के पास जा ही रहा था की कंचन ने उसको वापस धकेल कर सोफे पर वापस बैठा दिया और अपने चूतड को उसकी गोद पर रख कर उसके लंड को रगड़ने लगी .लंड इस रगड़ाई से एकदम बौखला गया . मनोज के बदन का सारा लहू मनो इस वक्त उसके लौडे मे समाया हुआ था . उसने अपने दोनों हाथों से कंचन के कबूतरों को जकड लिया . भारी -भारी दोनों उरोज मनोज के हाथों मे भी नही समां रहे थे . चिकनी नाईटी की वजह से दोनों कबूतरों पर से उसके हाथ फिसल रहे थे . कंचन के कबूतर शिकारी को इतना नजदीक देख कर फड़फडाने लगे . वोह अपने सीने को अपने कंधे पीछे की और करके आगे तान रही थी . जिससे उसके भरपूर मस्त उरोज और आगे आकर इस समा को और रंगीन बना रहे थे . मनोज ने पागल होते हुए उसकी नाईटी को उरोजो के सामने से पकड़ कर फाड़ दिया और उसके चुंचियों को को अपने हाथो मे लेकर तौलने लगा . फिर उसके दोनों घुन्डियों को अंगुली के बीच मे लेकर जोर से मसल दिया .हॉल मे पहुँची तो उसकी आग और बढ़ गई . TV मे मादक धुन के साथ नाच रही इंग्लिश मेमो को अपने बदन पर से बचे खुचे कपडे उतार कर फेंकते हुए देख उसके दिल की धड़कन और बढ़ गई . ख़ुद एक अच्छी डांसर तो वोह थी ही . पीछे से आकर अपना चेहरा जीजा जी के गाल से चिपका कर बोली , "बोलो क्या बोल रहे थे ."कंचन के मुँह से सिस्कारी निकल गई . "उई.ई.ई.ई.i माँ आ.अ.अ.आ....स्.स्.स्.स्.स्.स्.स्. धीरे से ."मनोज अब आराम से उसकी चुचियो को सहलाने लगा . कंचन अपने चूतड की रगड़ाई चालू रखी थी . मनोज के लंड को काफी दिनों बाद चूत की महक मिल रही थी . फिर यह तो साली की चूत . नशा शराब के साथ शबाब का डबल हो रहा था . उसके नशीले बदन को अपनी बाँहों मे समेट कर इस रगड़ाई को रोक कर अपनी अनियंत्रित हो रही सांसों को समेटने मे लगा . कंचन के शरीर को सामने कर उसके रसीले होंठों को चूमने लगा . उसके होंठों के रस को पीकर वोह और मतवाला हो गया . कंचन के गुलाब की पंखुड़ियों जैसे नाजुक होंठों को अपने होंठों से दबाने लगा . अपनी जीभ को कंचन की जीभ से टकरा रहा था . दोनों की जीभें पेंच लड़ा रही थी और हाथ उसके दोनों कबूतरों को अपने मे समाते हुए धीरे धीरे मसल रहे थे और कंचन के मुह से आह्ह..ओह्ह..उफ़..स्.स्.स्.स्.स्...जीजा जी ..आई..ल व ..यु...ओओओह..जैसी मादक सिस्कारी निकल रही थी.मनोज होठों से अपने होठों को छुड़ा कर अपनी जीभ को कंचन के चुंचियों की तरफ़ ले आया . "उफ़ क्या क़यामत है ," ऐसे कहते हुए अपनी जीभ से उसकी गुलाबी चूचियों को चाटने लगा . अपनी साली की चुचिया अपनी इतनी नजदीक देख मनोज और पागल होने लगा . उसके होंठों को अमृत का स्वाद मिल रहा था . अपनी गीली जीभ से उप्पेर से नीचे और नीचे से उप्पेर उसके स्तनों और घुन्डियों को चाटने में लग गया . कभी कभी गोल गोल जीभ फिराने लगा..घुन्ड़ियां सख्त होने लगी और उसके ठोस स्तन पर से उसकी जीभ बार बार फिसलने लगी. फिर अपनी अन्गूलियो से निपल को पकड़ लिया और लगा मसलने कंचन के सिस्करियो की आवाजे तेज होने लगी..आह्ह्ह.. उफ़..श श श .स्..स्...स्..ई..ईई.ई.इईई...जीजा जी ...और करो..अच्छा..लग..रहा..है...ऊह्ह माँ..कंचन के मुह से सिस्कारी निकल रही थी . उसके दोनों उरोज भरी हो चुके थे . उसकी सांसे जोर जोर से ऊपर नीचे होने लगी . "और जोर जोर से मेरी चूची .. को.. मसलों.,. बहुत.. मज़ा.. आ. .रहा.. है... तुम्हारे.. हाथ... मे.. जादू. ..है.... इधर... तुम... मेरी.. चूची.. को.. दबा.. रहे.. हो. और.... उधर... मेरी चूत पानी छोड़ रही है ," कंचन बेकाबू हो कर बड़बडाने लगी और वो मनोज के लंड के ऊपर कसमसाने लगी थी..दोनों निपल कड़क हो कर मनोज के मुह मे जाने को उतावले थे . फिर बेकाबू हो कर चीख पड़ी , "Suck it. Take it in your mouth. मेरे निपल को अपने होंठों से दबाव ."मनोज ने भी अपने होंठों के बीच उसके निपल को दबा के चूसना शुरू किया कंचन ने उसका सर अपने चुंचियों पर जोर से दबाया और उफ्फ्फ्फ़....हाँ..जीजा जी ..ऐसे..हीई..ऐसे ही चुसो ओ ओ..उसने अपनी चूचियों को उसके मुँह मे ठूंस दिया ..."येस ... येस... जीजा जी .... ऐसे ही चुसो ....देखो मेरे निपल्स की खुजली मिटा दो ," कंचन अपनी चाहत छुपा नही पायी . "उउउफ्फ्फ़ ... आ ... ह्ह्ह ... आ आ . .. ह .ह.ह.ह.ह. प्लीज़ थोड़ा धीरे ... काटो ...ना ... ऊ ..उ उ ई ई और जोर से चूसो मेरे चुंचियों को ."दोनों निपल्स को बारी -बारी से अपने मुह मे लेकर चूसने के बाद मनोज खड़ा होकर कंचन को अपनी बाँहों मे लेकर उसके पुरे बदन को जकड लिया . ऐसा कस कर आलिंगन किया की कंचन के मुह से चीख निकल पड़ी .

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09-07-2014, 02:07 AM
Post: #4
कंचन का बदन मनोज की बाँहों में समा गया . मनोज उसके जिस्म को अपनी बाँहों में लेकर दबाने लगा . उसके बदन को अपने बदन से रगड़ने लगा . अपने गालों से कंचन के चिकने गालों को , अपने मजबूत सीने से उसके कड़क कबूतरों को , अपने लंड से उसकी छुपी हुयी चूत को और अपनी जांघों से उसकी चिकनी जांघों को रगड़ कर दोनों एक -दुसरे की बाँहों में झुमने लगे ."जब तुम्हारी चुन्ची इतनी खूबसूरत है तो चूत तो और भी खूबसूरत होगी ," कहकर मनोज उसके बदन पर लिपटी नाईटी के बाकी हिस्से को भी फाड़ने लगा .लेकिन कंचन उसको रोकते हुए कहा , "उफ्फ्फ ... इतने बेकाबू क्यों हो रहे हो . पहले मुझे अपना झुन झुना तो दिखाओ . मुझे भी उससे खेलना है ."मनोज बेकाबू था लेकिन कंचन वापस बोल पड़ी , "तुम अपना लंड मुझे दिखाओ मै तुम्हे अपनी चूत दिखा दूंगी ."कंचन ने अपने हाथ को बढ़ाकर मनोज की पैंट टटोलने मे लग गई . उसे अपना खिलौना चाहिए था . उसका खिलौना भूखे शेर की तरह अपने पिंजडे मे उछल कूद मचा रहा था . कंचन का हाथ उस पिंजडे की तरफ़ बढ़ कर उसके पहले ताले यानि पैंट की चैन को खोल दिया . मनोज ने उसके दोनों कबूतरों को सहलाते हुए अपनी पैंट को नीचे की और खिसका दिया ताकी लंड को बाहर निकालने मे ज्यादा परेशानी ना हो
फिर कंचन घुटने के बल बैठकर अंडमनोज यर की कैद मे बैठे उस भूखे शेर की दहाड़ सुनने लग गई . उसका फूला हुआ लंड अंडमनोज यर मे मचल रहा था . अंडमनोज यर तम्बू बन चुका था . कंचन ने अपने हाथो से उसको पुचकार कर शांत करने की कोशिश की . जब लंड ज्यादा ही मचलने लगा तो अपने होंठों से मनोज के लौडे को अंडमनोज यर के साथ ही दबा लिया . अब बारी थी मनोज के सिस्कारने की . तीन महीने मे Dr. के ना करने के कारण वोह अपनी बीबी , मीना , को चोद नही पाया था लेकिन यदा -कदा मीना अपने हाथ से मनोज के लंड को मसल जरूर देती थी .कंचन उसके लंड को अंडमनोज यर के ऊपर से चाटने लगी और बोल उठी.."जीजा जी ..क्या मस्त खिलौना है..कितना लंबा और मोटा...मेरी चूत को फाड़ डालोगे आज..लगता है..कुंवारी साली की चूत है..जरा प्यार से करना प्लीज़.."लंड फूल कर एक दम भड़क उठा "कुंवारी चूत छोड़ने के ख़्याल से ही मनोज जोश मे आ गया.. तभी कंचन ने झटके से अंडमनोज यर खींच कर नीचे खिसका दिया . मनोज का लंड एक दम तन कर कंचन के मुह के सामने नाचने लगा . "उफ़ ... क्या मोटा लंड है तुम्हारा जीजा जी ," कह कर अपने हाथों मे समेट लिया कंचन ने .लेकिन लंड पुरा का पुरा हाथों मे आया कहाँ था . मोटे के साथ साथ पुरा 8 " का लंड था मनोज का ..लंड का सुपाडा भुक्कड़ की तरह कंचन का चेहरा देख रहा था . कंचन ने लंड को अपने हाथों मे लेकर उसकी चमडी को ऊपर -नीचे करने लगी . "सच मुच तुम्हारा लंड तो बहुत लंबा और मोटा है ," कंचन के मुह से निकल पड़ा . मनोज से अब रहा नही जा रहा था .कंचन ने अपनी जीभ निकाल कर लंड के सुपाडे को धीरे -धीरे चाटने लगी . मनोज का लंड उचक -उचक कर उछल रहा था . तोधी देर तक कंचन उसके सुपाडे को ही चाट रही थी . मनोज और ज्यादा बेकाबू होने लगा . उससे रहा नही जा रहा था . वोह कांपते हुए स्वर मे बोला , "अरीए , मेरी साली , अब तो "सताना " बंद करो . मेरे लंड को चूसोलेकिन कंचन ने सुपाडे को चाटना नही छोड़ा . वोह मनोज को और भड़काना चाहती थी . सच तो ये था की मनोज का सोलोना लंड उसे भा गया था..और उसे आज अपनी सील अपने जीजा से ही तुड्वाना था..और उसे मालूम था की मर्द जब ज्यादा भड़कता है तो औरत की चुदाई भी उतनी ही ज्यादा और अच्छे से करता है.. कंचन अपनी चूत की चुदवाई बहुत जोर से करवाना चाहती थी अभी तक उसके बॉय फ्रेंड ने ऊपर ऊपर से सब किया था क्युकी कभी पूरी चुदाई का मौका ही नही मिलता था..वो कसार आज पूरी करनी थी..पर यहाँ तो मनोज का लंड भड़कता ही जा रहा था . उसने कंचन को कहा , "साली मादरचोद , चूस मेरे लंड को . पुरा का पुरा खा जा मेरे लंड को . साली यह लंड तीन महीने से तरस रहा है और तुझे सताने की पड़ी है . अगर नही चूसती तो मे तेरी चूत को ऐसा चोदुन्गा की तू भी जिन्दंगी भर याद रखेगी ."कंचन का मकसद पुरा हो गया . वोह मनोज को ऐसे ही भड़काना चाहती थी . तभी मनोज ने उसके बाल पकड़ कर अपना पुरा 8 इन्ची लंड उसके मुह मे गप से डाल दिया . "ले छिनाल चूस मेरे लंड को . बहुत ज्यादा मटक रही थी ना . अब चूस मेरे लंड को ."मनोज का लंड 6 इंच तक ही कंचन के मुह मे घुस पाया . बाकी दो इंच बाहर ही रहा . उसके लंड का किनारा उसके मुह की आखिरी दीवार को छू गया था . कंचन को साँस लेने मे तकलीफ होने लगी थी . उसने मनोज के लंड को पुरा बाहर निकाल कर कहा , "जीजा जी , मार ही डालोगे क्या . थोड़ा सब्र करो . चूसती हु तुम्हारे मूसल को ."फिर कंचन ने लंड को हाथ से पकड़ कर जो चूसाई की मनोज तो पागल हो गया . उसे लगा अगर मेने अपने लंड को बाहर नही निकला तो मेरी पिचकारी अभी छूट जायेगी . उसने अपना लंड बाहर निकल कर कंचन को खड़ी कर अपनी बाँहों मे उठा लिया और उसके होंठों को चूमते हुए अपने बेडरूम की और चल पड़ा . बेडरूम मे बेड पर कंचन को सुलाते हुए उसकी नाईटी के बाकी कपड़े को फाड़ते हुए उसकी जांघों को चाटने लगा . कंचन की गुदाज़ जांघे मखमल की तरह नरम और दूध जैसी गोरी थी . मनोज उन जांघों को चूसते हुए अपने हाथो को उसकी झाँटो को सहलाने लगा . क्या रानी तुम अपनी झाँटे साफ नही करती..लेकिन मुझे पसंद है कुंवारी चूत पर नरम झाँटे ..उफ़ क्या नरम नरम झाँटे थी . मनोज तो झाँटो मसलते हुए उसकी उठी हुई बुर (चूत ) को देख पागल हो गया .एक दम गीली लेकिन गुलाबी.. अपनी उंगली को धस से उसकी कोमल अनचुदी चूत मे धकेल दिया बोहोत टाईट चूत थी..इतनी गीली होने के बाद भी थोड़ी सी ऊँगली अन्दर घुसी..और ... कंचन के मुह से निकल पड़ा , "ऊईई माँ..आह्ह..दर्द होता है जीजा जी .. . धीरे से ."मनोज उसकी जांघों को छोड़ उसकी चूत के आस -पास अपनी जीभ से चाट रहा था और अपनी एक उंगली को उसकी चूत मे डाल कर अन्दर बाहर करने लगा वो उसके कुंवारी चूत को थोड़ा अभ्यस्त कर रहा था और चूत की उंगली -चुदाई कर रहा था . थोड़ी देर मे ही कंचन बोल पड़ी , "हाय ! क्यों टाइम बर्बाद कर रहे हो ? मेरे चूत को उंगली नहीं चाहिए . अभी तुम इसको अपने जीभ से छोड़ो . बाद मे उसको अपने लंड से फाड़ दो . वोह तुम्हारे लंड को खाने के लिए तरस रही है ."तभी मनोज ने अपनी उंगली निकाल कर उसकी जगह अपनी जीभ को लगा दिया . उसके दाने को चूस कर अपनी जीभ को उसकी चूत की गहराई

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09-07-2014, 02:08 AM
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मे उतार दिया गई...ई.ई.ई.ई.ई.इमेरी चूत.. मनोज का लंड फर्र र र र करके उसकी चूत मे जा कर फंस गया . इसी के साथ कंचन के मुह से फ़िर से चीख निकल पड़ी . यह चीख दर्द भरी भी थी और साथ ही आनंद से भरी भी थी ..मनोज के लंड से बहकर खून नीचे चादर पर टपक रहा था...इसी बेड पर उसने रीना की भी सील तोडी थी अआज वो रीना की सील तोडना चाहता था..लेकिन कंचन मिल गई..थोड़ी देर के बाद कंचन मनोज के ऊपर बैठ कर अपनी चूत की खाज मिटने लग गई . अपनी चूत की जकड मे लंड को ले कर उछल -कूद मचने लगी . साथ ही उसके मुह से सिस्कारियां निकल रही थी . मनोज अपने हाथो से उसके चुन्ची पकड़ कर सहला रहा था . कंचन उसकी छाती पर हाथ रख कर अपनी चूत ख़ुद ही चुदवारही थी . आनंद से मदहोश हो कर चुद्वा रही थी . स्पीड धीरे -धीरे बढ़ कर अपनी चरम मीना पर चली गई . फुल फास्ट स्पीड मे चुदवाने से कंचन की सिस्कारी बड़बड़ाहट मे बदलने लगी ."येस .. येस .. क्या मजा आ रहा है .. येस .. येस .. आज पहली बार चूत को मजा मिल रहा है .. ओह्ह .. क्या जन्नत का मजा मिल रहा है .. उफ्फ्फ .. जीजा जी तुम्हारा लंड लाखों मे एक है एक दम लोहे के जैसा सख्त है ... उफ़ ... मेरी चूत ... ह आ ई ... मैं .... आह्ह्ह ... मेरी चूत का पानी निकलने वाला है .. ओह्ह्ह ... क्या हो रहा है मुझे ... हाय ... मेरी चूत ... उफ्फ्फ्फ़ ... मेरा पानी निकला ... येस .. मेरा पानी निकला ... येस ... ऊईई ... येस ... मेरा पानी निकल गया ..." ऐसा कह कर कंचन उसकी छाती पर गिर कर लम्बी -लम्बी साँसे छोड़ने लगी . चूत का पानी निकलते हुए वोह अब हलके हलके धक्के मर कर एकदम से निढाल हो गई .मनोज ने अपनी बाँहों मे भरकर उसके होंठों को अपने होंठों से जकड लिया . थोड़ी देर बड़ जब कंचन की धड़कन एकदम सामान्य हुयी तो अपने सरीर से उसे उतरकर अपने बाजु मे सुला लिया और उसके चुन्ची को सहलाता हुआ एक निपल को मुह मे दबा लिया . थोड़ी देर मे दोनों चुन्ची को चूस कर अपनी उंगली से उसकी चूत के दाने को सहलाने लगा . उसकी चूत को सहला कर उसकी चूत की चोदाई की तय्यारी कर रहा था . उसका भूखा लंड अब उसे चोदने को एकदम तैयार था . कंचन के मुह से जब सिस्कारी निकलने लगी तो उसे डौगी स्टाइल मे कर उसके नितंबो को अपने हाथ से सहलाने लगा . उसकी चूत दोनों चुतडो के बीच एकदम से दबी हुई थी . अपने लंड को हाथ मे लेकर उसके चूतडो पर हलके से सहला रहा था .कंचन की चूत काफी गरम हो चुकी थी . उससे अब सहा नही जा रहा था . वोह बोल पड़ी , "हाय जीजा जी , क्यों तद्पा रहे हो . लंड हमारी चुदासी चूत को दिखा रहे हो और उसको चूत के अन्दर नही पेल रहे हो . अब जल्दी से अपने मूसल जैसे लंड को चूत मे घुसाओ , प्लीज़ . "तभी अपने लंड को उसकी चूत की खाई के सामने रखकर उसकी दरार मे टिका दिया और एक जोर का धक्का मारा की कंचन के अभी अभी सील टूटे चूत मे लंड सनसनाता घुस गया.कंचन के मुह से जो चीख निकली वो तो भयानक थी थोड़ी देर धक्के खाने के बाद कंचन के मुह से आनंद -भरी चीख निकल पड़ी . "हाय . दैय्या ." लंड आधा एक ही धक्के मे चूत के अन्दर घुस गया था..बाद मे हलके धक्के लगे और फ़िर एक जोर का धक्का लगा..इस . दूसरे जबर्दस्त धक्के मे लंड पुरा का पुरा चूत के अन्दर था कंचन का कलेजा दहल गया लेकिन वो अभी पूरी चुदासी थी... मनोज ने धीरे -धीरे अपने धक्के लगाने चालू रखे . लंड चूत मे पिस्टन की तरह अन्दर बाहर हो रहा था . उसका लंड लंड चूत की गरमी पाकर और फूल गया . कंचन भी धक्के का जवाब धक्के से दे रही थी . फिर अपने हाथ बढ़ा कर मनोज ने कंचन के चुंचियों को अपनी गिरफ्त मे ले लिया और धक्को की स्पीड बढ़ा दी . लंड चूत की ज़द तक जा रहा था . मनोज का लंड चूत के धक्के से एकदम बेकाबू हो उठा . मनोज के मुह से आवाजे आणि शुरू हो गई ."लो रानी ... मेरे लंड के झटके ... खाओ , ख़ूब खाओ .. देखो तुम्हारी चूत की प्यास बाकी नही रहे .. लो यह लो .. "कंचन की चूत धक्के पर धक्के खा कर अपना पानी छोड़ना शुरू कर दिया . "येस .. मेरे जीजा जी . .. ऊफ्फ .. मारो धक्के .. और मारो धक्के ... मेरी चूत से फिर से पानी निकल रहा हाय . तुम्हारा सख्त लंड ही मेरा पानी इतनी जल्दी -जल्दी निकाल पाया ." फिर भी मनोज अपने धक्के मरने चालू रखा . वोह भी अपना पानी निकलना चाहता था . कंचन ने देखा की मनोज इसी तरह चोद्ता रहा तो पानी उसकी चूत मे ही छोड़ देगा तो अपनी चूत को एकदम से हटा लिया . मनोज चिहुंक पड़ा , "यह क्या रानी . मेरा पानी निकलने वाला था .""यही तो मैं नही चाहती की तुम मेरे अन्दर झडो. मैं तुम्हारे वीर्य को अपने पुरे बदन पर झड़वाना चाहती हूँ .""ऐसी बात हाय तो लो अपना मुह खोलो और इसको चूसो . अब थोड़ा इंतज़ार करना पड़ेगा मेरे झड़ने का ."कंचन ने मनोज के लंड को हाथ से पकड़ कर पहले अपने चूंची पर सहलाया फिर लेट कर उसके मूसल को अपने दोनों बूब्स के बीच डाल कर मनोज से बोली , "लो जीजा जी , अब मेरे tits को छोड़ो . अपने लंड को मेरे बूब्स की खाई ई मे डाल कर यहाँ भी अपना झंडा गाड़ दो ."मनोज अपने लंड को कंचन के कबूतरों के बीच मे लाकर उसकी tit -fucking चालू कर दी . लेकिन जो टेंपो डौगी -स्टाइल मे बना हुआ था वोह वापस नही बन रहा था . पानी निकलता नही देख उसने अपना ध्यान उसके कबूतरों पर टिका दिया ."मेरी प्यारी साली , अब इस tit-fucking के बाद तुम्हारी चूत की फिर एक बार चुदाई करूंगा . तेरे कबूतरों का जवाब नहीं .....तेरे बूब कितने मलाई जितने चिकने हाय .....और तेरे गुलाबी निपल्स ...इन्हे तो मैं खा जाऊंगा ," कहता हुआ अपने लंड को चुंचियों से निकाल कर उसके ऊपर टूट पड़ा और उसकी चूचियों को मसल मसल कर दबोचने लगा ."प्लीज़ मेरी चूची को और जोर से दबाओ , बहुत मज़ा आ रहा हाय . मुझे नशा सा हो रहा है . तुम मेरी चूची दबा रहे हो और मेरी चूत मे कुछ कुछ हो रहा है . है ! तुम्हारा तो लंड भी अब वापस से कड़क हो गया है ."कंचन नीचे पड़ी पड़ी अपनी चूचियों की खाज मिटा रही थी . जीजा जी को पागल होते देख उसकी चूत मे फ़िर खाज शुरू हो गई थी . अपनी चूत पर उसके लंड को रख कर अपने बदन को उसके बदन से जकड लिया और कहने लगी , "मुझे चूत में बहुत ...आः ....खुजली हो रही है .....अब अपना चाक़ू मेरी चूत पे चला दो ....जीजा जी तुम्हारे लंड ने मेरी चूत से खून निकाला है आज चूत से .मुझे औरत बना दिया तुमने और दीदी को माँ आज मेरी चूत की मिटा दो खुजली ..... मिटाओ ."कंचन को भी तड़पते देख अपने लंड को उसकी चूत के ऊपर रख कर एक जोर से धक्का दिया और बोला , "ही ! मेरी रानी , ले ! ले ऐ ई ऐ ! और ले , जीं भर कर खा अपनी चूत मे मेरे लंड के धक्के ." फिर धक्के पर धक्के चालू हो गए . कंचन के पैर उसके सर तक मोड़ दिए..थोड़ी देर तक कमरे मैं केवल "उफ़ " "है " "ओह्ह " "मर गई..ओह्ह माँ...जीजा जी ..धीरे..दर्द हो रहा है..आह्ह भी अभी किया है...आह्ह..ऊह्ह ह की ही आवाजे आ रही थी . तभी मनोज और कंचन दोनों एक साथ हाय चीख पड़े अह्ह्ह...कंचन ...जीजा जी ... दोनों का ही पानी एक साथ छूटने लगा . दोनों निढाल हो कर पलंग पर लेटे रहे और उसी हालत मे नींद आ गई .
दुसरे दिन सुबह ..कंचन अब कुंवारी नही थी...और चादर पर खून के छिंटे उसकी औरत बनने की गवाही दे रहे थे....सुबह कंचन ने उठकर मनोज को उठाया . रात की मस्ती झड़ी नही थी .मनोज ने कंचन को नंगी देखा तो फ़िर से अपने पास खींच लिया..चूमा चाटी शुरू हुयी और लंड लोहे जैसा हो गया... एक बार फिर दोनों आपस मे लग कर चुदाई शुरू कर दी . मनोज कंचन को नीचे ले कर उसकी दोनों टांगो को आसमान मे फैला कर और उसके चूतड के नीचे दो तकिये रख दिए..जिससे उसकी उभरी हुयी चूत और उभर आयी थी. अभी भी..मनोज ने जैसे ही अपना लंड उसकी गीली हो रही चूत के अन्दर घुसाया..कंचन चीख पड़ी..मनोज ने दो धक्को मे पूरा लंड चूत के अन्दर डाल दिया था..और कस कस कर उसकी चूत को चोदना शुरू कर दिया . सिस्कारियों से कमरे का वातावरण काफी मदहोश हो गया . कंचन नीचे से हर धक्के का जवाब अपनी सिस्कारी से दे रही थी .आह्ह..अह्ह्ह.औच..आ..ऊ..च....आह्ह...जीजा जी ....सच मुच तुम्हारा लंड लाजवाब है और बहुत लंबा और मोटा है .

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