Post Reply 
माँ को बेटे से चुदवाने का कार्यक्रम
08-07-2014, 01:30 PM
Post: #1
हैलो दोस्तोँ मेरा नाम विशाल लोगान है । मैँ आजमगढ़ का रहने वाला हूं और इस समय इलाहाबाद मेँ एक कालेज से B.TECH कर रहा हूँ और पार्ट टाईम कालबॉय का काम करता हूं ! मेरी उमर 19 साल है! सबसे पहले मैँ अपने बारे मेँ बता दूँ! मैँ 5 फुट 4 इँच का हैँडसम लड़का हूँ, मेरे लँड की लम्बाई 7 इँच है!

यह कामुकता पर मेरी पहली कहानी है और ये कहानी मेरे पहले सेक्स के बारे में और इस बारे में कैसे मैं एक कालबॉय बना !

बात उस समय की है जब मैने 12वीँ के ऐग्जाम दे चुका था! मेरे लगभग सारे दोस्त आगे की पढाई के लिए कहीँ न कहीँ जा रहे थे! मुझे भी इन्जीनियरिँग ऐग्जाम की तैयारी के लिए कहीँ न कहीँ जाना था क्योँकि आजमगढ मेँ कोई अच्छी कोचिँग नही है ! अन्त मेँ कानपुर जाना तय हुआ! कानपुर मेँ मेरा एक दोस्त (राजेश) पहले से ही था इसलिए मुझे ज्यादा दिक्कत नहीँ थी ! अप्रेल के मध्य मेँ मैँ कानपुर गया ! दोस्त का रूम हितकारीनगर मेँ था! उसने अपने लाज मे ही एक रूम दिला दिया ! चूँकि वो पहले से ही कोचिँग कर रहा था. इसलिए उसी की कोचिँग मेँ एडमिशन ले लिया! क्लासेज 10 मई से चलने वाली थीं। चूंकि मैं पहली बार अपने घर से बाहर आया था इसलिये बहुत अजीब लग रहा था । पढ़ने मे मन नहीं लगता था, बार बार घर की याद आती थी। इसलिये मैं और राजेश घूमने निकल जाते थे ।

मैँ ऐसे शहर से आया था जहाँ पर बहुत ज्यादा खुलापन नहीँ है! पर कानपुर मेँ अलग ही नजारा था ! चारों तरफ़ हरियाली ही हरियाली नज़र आती थी। क्या गजब गजब का नजारा होता था जब लडकियाँ हाफ पैँट -जीँस मेँ सामने से गुजरती तो पैँट मेँ उफान आ जाता था , मन करता था कि पकडकर अभी चोद दूँ ! रूम पर पहुँचकर मुठ मारने के बाद भी साला लण्ड मेँ अकडपन बरकरार रहता! हम लोग रोज शाम को घूमने जाते थे। घूमने जाने के दो फायदे थे , एक तो सैर हो जाती थी और दूसरे मन भी बहल जाता था। वहाँ पर लड़के-लड़कियाँ का पेड़ों की आड़ मेँ किसिँग करना आम बात थी पर हम लोगों के लिये बिल्कुल नई बात थी। कहीं कहीं पर तो शर्ट मे हाथ डालकर चूचियां दबाते और लन्ड चुसाते हुए भी मिल जाते थे । उन्हे देखकर लण्ड उफान मारने लगता था ।

अब हम लोँगोँ ने डिसाइड किया कि ऐसी जगह रूम लेते हैँ जहाँ पर चूत का इन्तजाम हो सके ! हमारे लाँज के बगल मेँ ही एक दो मन्जिला मकान था। कहने को तो वो दो मन्जिला था पर बहुत पतला था ,उसमेँ उपर के मन्जिल पर मकान मालिक रहते थे और नीचे के मन्जिल पर एक रुम और एक किचन था जो कि खाली था और वो किरायेदार खोज रहे थे। हम दोनों ने उसे ले लिया!

मकान मालिक के परिवार मेँ अँकल आँटी और दो बच्चे जिसमेँ एक 3 साल का और एक 5 साल का था !
अँकल की उम्र लगभग 40 साल और आँटी की उम्र 28 साल थी! अँकल की यह दूसरी शादी थी। उनकी पहली पत्नी का देहान्त हो चुका था जिससे तीन बच्चे थे पर वो अपने ननिहाल मे रहते थे !! अंकल और आंटी में कोई मेल नही था , अंकल देखने में ही हाफ़ लगते थे और क्या गजब की माल थी आँटी ,बडी बडी चूँचियाँ मोटी गाँड, साली को देखते ही मुँह मेँ पानी आ जाए! जब चलती थी तो गाड हिलती थी। मन करता था कि साली को पकडकर खडे खडे ही चोद दूँ ! अँकल , आँटी जल्दी ही हम लोगोँ से घुल मिल गये! अँकल एक कपडा मिल मेँ वर्कर थे! उनकी ड्यूटी सुबह 8 बजे से 11 बजे तक और शाम को 3 बजे से 8 बजे तक रहती थी !!
अक्सर रात को उपर से अँकल आँटी के लड़ने की आवाँजेँ आती थी, हम लोगोँ को समझ नहीँ आता था कि ये रात को ही क्योँ लड़ते हैँ पर धीरे धीरे हम समझ गये कि शायद अँकल आँटी को खुश नहीँ कर पाते हैँ !!!

एक दिन दोपहर को अँकल जब ड्यूटी से वापस आए तो हम लोगोँ से बोले कि उन्हे एक रिश्तेदार के घर 3-4 दिन के लिए शादी मेँ जाना है। इसलिए अगले महीने का किराया एडवाँश मेँ चाहिए! चूँकि उतना पैसा पास नहीँ था अतः हमने कहा कि शाम तक A.T.M. से निकाल कर दे देंगे! एक घण्टे बाद राजेश A.T.M. से पैसा निकाल कर लाया अँकल को देने के लिए आवाज लगाई, लेकिन उपर से कोई जवाब नहीँ मिला क्योँकि टी.वी. की आवाज तेज आ रही थी ! उसने मुझसे कहा कि ऊपर जाकर पैसा पहुँचा दूँ ! मैँ ऊपर गया और अँकल-अँकल पुकारा लेकिन कोई नहीँ बोला! फिर मैँ कमरे के पास गया ,कमरे से टी.वी. की आवाज आ रही थी ,दरवाजे के बगल मेँ खिडकी थी जो थोडा सा खुला था ! मैँ खिडकी से अन्दर झाँका ! अन्दर का नजारा देखकर मैँ खड़ा का खड़ा रह गया ! मेरे रोँगटे खडे हो गए !!! अँकल -आँटी दोनोँ नँगे थे, एक दूसरे के ऊपर-नीचे गूँठे हुए थे!

अँकल आँटी की चूत चाट रहे थे और आँटी अँकल के लण्ड को चूस रही थी! मैँ आँटी को देखकर हैरान था, उनको बहुत सीधा समझता था पर वो गपागप लँड ले रही थी ! मेरा हाथ अपने आप लँड पर चला गया और मैँ खड़े खड़े मुठ मारने लगा! अँकल अपनी दो अँगुलियाँ आँटी की चूत मेँ पेल रहे थे, आँटी जोर जोर से सित्कार रही थी! अचानक अँकल जोर से आह आह चीखे और उनका माल आँटी के मुँह पर गिरा! कुछ मुँह मेँ चला गया और कुछ चूचियोँ पर ! अँकल बगल मेँ लेट गये और अब आँटी अपने हाथोँ से जोर जोर से चूत को रगडने लगीँ , साथ ही साथ बडबडाने लगीँ! साले भड़वे रण्डीबाज अब मेरी प्यास कौन बुझाएगा! साला रोज जल्दी झड जाता है और मैँ प्यासी रह जाती हूँ! आँटी को मुठ मारते देख मेरा हाथ भी तेजी से चलने लगा और मैँ भी झड गया!
अँकल को बिना रुपये दिए मैँ नीचे आ गया! नीचे आकर पार्टनर को सारी बात बतायी और एक बार फिर से मुठ मारा ! शाम को अँकल नीचे आए और पैसे लेकर अपने रिश्तेदार के यहाँ चले गये !!!

अँकल के शादी मेँ चले जाने के बाद हम लोगोँ के पास तीन दिन का समय था! हम रातभर योजना बनाते रहे कि आँटी को कैसे पटाया जाए ! अगले दिन आँटी दोपहर मेँ नीचे आयी तो पार्टनर उनसे बात करने लगा ,बातोँ ही बातोँ मेँ मैनेँ पूछा कि अक्सर रात मेँ आप लोग झगड़ा क्योँ करते हैँ? यह सुनकर आँटी उदास हो गईँ और कुछ नहीँ बोलीँ !कई बार पूछने पर बोली कि कोई बात नहीँ है, वैसे ही झगड़ा हो जाता है !! जब पार्टनर ने देखा कि आँटी बताने मेँ झिझक रहीँ हैँ तो फ्लर्ट करता हुआ बोला कि अँकल का आपको डाँटना मुझे अच्छा नहीँ लगता, आप इतनी अच्छी हैँ, हम लोग आपके कारण ही यहाँ रूम लिए हैँ, हमेँ पता है कि अँकल आपको खुश नहीँ कर पाते हैँ और जल्दी झड जाते हैँ! पार्टनर बिना रुके बोलता रहा! आँटी यह सुनकर आश्चर्यचकित होकर बोली कि तुम्हे कैसे पता, तब मैनेँ पूरी बात बताई कि कल कैसे मैने उन्हेँ देखा था?

आँटी यह सुनकर सर नीचे करके मुस्कुराने लगी। ऐसा लग रहा था कि मानो पार्टनर आज आँटी को चोदने के लिए तत्पर था, वह तुरन्त आँटी को पकड कर किस करने लगा। आँटी थोडा झिझकी लेकिन जल्दी ही जवाब देने लगीँ ! मैँ जल्दी से गया और गेट अँदर से बँद कर दिया ! मैँ आँटी के पीछे से चिपक गया और उसकी गाँड को मसलने लगा ! आँटी हम दोनोँ के बीच मेँ पिसाने लगीँ! मैँने आँटी के सलवार का नाडा खोल दिया, अब वो नीचे से नँगी थी ! मेरे हाथ आँटी के चूत पर रगडाने लगे और मुँह मेँ एक चूची लेकर चूसने लगा, आँटी मजे से सित्कारने लगी ! आँटी ने हम दोनोँ के लौड़ों को दोनो हाथों से पकड लिया और हिलाने लगी ! करीब 8-10 मिनट तक यह सब चलता रहा और हम तीनोँ के मुँह से सीत्कारे निकलती रही ! अचानक आँटी जोर जोर से मचलने लगी और अपना हाथ तेजी से चलाने लगी ! हम दोनोँ के लँड तेजी बर्दाश्त नहीँ कर पाये और झड़ने लगे, आँटी की चूत ने भी पानी छोड दिया !!

जीवन मेँ पहली बार झड़ने मेँ इतना मजा आया था! थोडी देर तक वैसे ही खड़े रहने के बाद हम तीनोँ बिस्तर पर लेट गये, कोई किसी से कुछ नहीँ कह रहा था बस तीनोँ एक दूसरे को देखकर मुस्कुरा रहे थे ! आँटी हम दोनोँ के उपर हाथ फिरा रही थीँ, थोडी ही देर मेँ जोश फिर से वापस आ गया ! दूसरा दौर शुरू हो चुका था ! पार्टनर चूचियाँ पीने मेँ व्यस्त था, मैँ चूत पर टूट पडा ! जैसे ही मैनेँ चूत पर मुँह लगाया आँटी तडप उठीँ ! पहली बार किसी चूत को इतने करीब से देख रहा था और चूस रहा था! दो अँगुलियोँ से चूत के दोनोँ फाकोँ को फैलाया और जीभ अँदर तक पेल दिया! कभी चूस रहा था कभी दाँतोँ से काट रहा था ,आँटी की सित्कारेँ पूरे कमरे मेँ गूँज रही थी !उधर आँटी पार्टनर का लँड चूस रही थीँ ,वह लँड गचागच मुँह मेँ पेले जा रहा था ! आँटी बार बार चोदने के लिए कह रही थी ,पर हम लोगोँ के पास कँडोम नहीँ था इसलिए हम दोनोँ ने पहले से तय किया था कि कोई रिस्क नहीँ लेँगे ,आज केवल उपर से मजा लेते हैँ !! हम दोनो आँटी को जम कर मसल रहे थे, अब दोनो ने अदला बदली कर ली, वो चूत पर आनँद लेने लगा और मैँ चूचियाँ पीने लगा व किस करने लगा! मै और आन्टी एक दूसरे के जीभ का रस पी रहे थे मानोँ अमृत रस का पान कर रहे होँ ! अब मैँने अपना लौड़ा आँटी के मुँह मेँ पेल दिया ,आँटी एक माहिर खिलाड़ी की तरह गपागप लँड चूस रहीँ थी ! आँटी लँड चूसते चूसते जब कभी अँडा पकड कर दबा देती तो मारे उत्त्तेजना के साँस ही अटक जाती ! मैँ धीरे धीरे चरम सीमा पर पहुँचने वाला था,मैँ पूरी स्पीड से पेलने लगा कुछ ही झटकोँ बाद झडने लगा और पूरा माल आँटी के मुँह मेँ उडेल दिया! मेरी समझ मेँ नहीँ आ रहा था कि आज इतना माल कैसे निकला?? निढाल होकर मैँ बिस्तर पर गिड पड़ा ! अब आँटी और पार्टनर गुट्ठमगुट्ठी करने लगे और थोडी देर मेँ दोनोँ झड़ गये! हम तीनोँ बुरी तरह हाफ रहे थे ! हम तीनोँ एक दूसरे को देखकर मुस्कुरा रहे थे ! मैँ और पार्टनर अपनी सफलता पर मुस्कुरा रहे थे और आँटी महीनोँ बाद सन्तुष्ट होने पर मुस्कुरा रहीँ थीँ ! थोडी देर आराम करने के बाद आँटी ऊपर चली गईँ और हम दोनोँ नँगे ही लेटे लेटे सो गये !!

शाम को हम मार्केट गये और पूरा एक डिब्बा (करीब 40 पीस) कँडोम लिया ! रूम पर आकर विचार करने के बाद यह निर्णय लिया गया कि चुदाई का कार्यकम किचन मेँ किया जाएगा! किचन मेँ एक बिस्तर बिछा दिया गया ! चूत मिलने की खुशी मेँ अब पढाई तो होने से रही ! सो खाना पीना खाकर सोने की तैयारी करने लगे ! सोने से पहले इन्टरनेट से सेक्स मूवीज डाउनलोड करके आँटी को दे दिया ! मुझे जल्दी ही नीँद आ गई ! रात को पेशाब करने के लिया उठा तो देखा कि पार्टनर बिस्तर पर नहीँ है, पेशाब करने के बाद किचन के पास गया तो पता चला कि अँदर प्रोग्राम चालू है ! उनकी चुदाई देखकर मेरा भी लँड अँगडाई लेने लगा, मैनेँ उन्हेँ डिस्टर्ब नहीँ किया मुठ मारकर वापस आकर सो गया!
Send this user an email Send this user a private message Find all posts by this user
Quote this message in a reply
08-07-2014, 01:30 PM
Post: #2
सुबह करीब 6 बजे नीँद खुली, पार्टनर ब गल मेँ सो रहा था ! फ्रेश होने के बाद आँटी को फोन करके नीचे बुलाया! आँटी के दोनोँ बच्चे अभी सो रहे थे! आँटी फटाफट नीचे आ गई, वो तो विडियो देखकर पहले से ही गर्म थी! आँटी को विडियोज देने का सबसे बडा फायदा समझ मेँ आ गया था कि अब हमेँ उन्हेँ बुलाना नहीँ पड़ेगा बल्कि वो खुद गरम होकर हमेँ बुलाऐँगी! आँटी किचन मेँ चली गईँ ,पीछे पीछे मैँ भी आ गया! हम दोनो ही बेसबर् हो रहे थे ,एक दूसरे पर टूट पडे! काफी देर तक किस करते रहेँ ! होठोँ का रसपान करने के बाद चूचियोँ का रस पीने लगा! साथ ही साथ गाँड को मसलने लगा आँटी मेरे लँड को मसल रहीँ थी ! अचानक आँटी ने मुझे बिस्तर पर गिरा दिया और लँड चूसने लगी ! हम दोनो 69 की पोजीशन मेँ हो गये! आँटी ने लौड़ा चूसते चूसते अचानक गाँड़ मेँ अँगुली पेल दी, मैँ मारे उत्तेजना के चिँहुक गया! जवाब मेँ मैने भी दो अँगुली आँटी की गाँड मेँ पेल दिया, वो भी मजे से उछल पडी! चूत और गाँड की ऐसी चुसाई और गोदाई की चूत ने पानी छोड दिया, आँटी ने भी चूस चूस कर लौडे का पानी निकाल दिया और पूरा रस गटक गईं
कुछ देर तक ऐसे ही पड़े रहने के बाद दूसरा दौर शुरू हुआ !

एक दूसरे को सहलाते सहलाते फिर से गरम हो चुके थे ! कँडोम निकाल कर लौड़े पर पहना और आन्टी जो कि पीठ के बल लेटी हुई थी, की चूत मेँ पेल दिया ! एक पल को ऐसा लगा कि जैसे किसी भट्ठी मेँ डाल दिया हो ! मेरी तो आह निकल गई ,मैँ तेजी से पेलने लगा। 2 मिनट तक पेलने के बाद लगा कि मैं झड़ने वाला हूं तो मैने लन्ड बाहर निकाल लिया और अन्डे को दबा कर पकड़ लिया । अब मैने आन्टी को घोड़ी बनने के लिये कहा । आन्टी घोड़ी बन गयीं और मै पीछे से चूत पेलने लगा। चूचियां पकड़ कर पीछे से धक्के लगाने का मजा ही कुछ और होता है। पीछे से धक्का लगता भच्चाक- भच्चाक और आन्टी के मुंह से निकलता आह-आह । 7-8 मिनट पेलने के बाद जब झड़ने को हुआ तो चूत से निकाल कर कन्डोम निकाल कर आन्टी के मुंह मे लन्ड डाल दिया। आन्टी एक एक बूंद निचोड़ कर पी गयी।

इसके बाद तो लगभग रोज ही मैं ,पार्ट्नर और आन्टी सेक्स करने लगे॥
दोस्तों किसी ने सच ही कहा है लत बहुत बुरी चीज है चाहे वो किसी चीज कि हो। आदमी पहली बार जब तक सेक्स से बचा रहता है तब तक ठीक रहता है , अगर उसने एक बार चुदाई कर ली तब तो समझ लीजिये उसे सेक्स की लत लग गई। पहली बार की चुदाई के बाद अक्सर हम तीनों चुदाई करने लगे । करीब एक महीने तक जी भर के चुदाई की गई।

अंकल की पहली बीबी से तीन बच्चे थे जो अपने नाना के यहां रहते थे । बड़ा लड़का जिसका नाम सुनील था और लगभग मेरी ही उम्र का था, अंकल के यहां आया। हमउम्र होने के कारण जल्दी ही हम लोग घुलमिल गये । उसके आ जाने से अब हमें चुदाई करने मे दिक्कत होने लगी । मैने आन्टी से कहा कि उसको भी इस खेल में सम्मिलित कर लेते हैं तो आन्टी ने मना कर दिया । आन्टी ने कहा की अगर वो नही माना और किसी से कह दिया तो हमारा भांडा फ़ूट जायेगा। मैने कहा की इसकी जिम्मेदारी मेरी है।

अक्सर वो हमारे रूम में आता और बातें करता । मैने एक दिन उसको ब्लू फ़िल्म दिखा दी। उसके बाद तो वो भी हम लोगों से खुल गया। बातों ही बातों में कहता की यार कोइ मिल जाता तो चोद देता। दो दिनों बाद आन्टी ने बताया कि सुनील काफ़ी बदला बदला नज़र आ रहा है, अब वो मुझे बहुत घूर-घूर कर देखता है , अभी कल ही जब मैं बाथरूम मैं नहा रही थी तो वो दरार में से झांक रहा था। मैने कहा कि आन्टी मुबारक हो, नया मेम्बर शामिल होने वाला है। शाम को सुनील मुझे बुलाकर छत पर ले गया और मोबाइल मांगकर ब्लू फ़िल्म देखने लगा। फ़िल्म देखते देखते वो पूरी तरह गरम हो गया और कहा कि यार चुदाई करने का बहुत मन कर रहा है। मैं तो जान ही गया था की उसका नज़रिया अपनी सौतेली मम्मी कि प्रति बदल चुका है। बस केवल उकसाना बाकी है। मैने उससे कहा कि क्यों न अपनी मम्मी को चोद देते, मैं तुम्हारी जगह होता तो कब का चोद दिया होता।

मेरी बात सुनकर बोला कि यार तुमने तो मेरी मन की बात कह दी । लेकिन डर लगता है कि कहीं वो गुस्सा होकर पापा से ना कह दे। मैने कहा ; क्या तुम सच में अपनी मम्मी को चोदना चाहते हो, उसने कहा हां; तब मैने उससे पूरी बात बताई कि कैसे हम लोग चुदाई करते हैं । उसने कहा कि यार तुम्हें पहले ही बताना चाहिये था, मैं दो सालों से उसे चोदने के सपने देख रहा हूं। मैने कहा कोई बात नहीं , सपना अब पूरा कर लो। कल सुबह जब तुम्हारे पापा ड्यूटी पर चले जायेंगे तब हम सब नीचे हमारे कमरे में मिलते हैं। रात में आन्टी को फ़ोन करके बता दिया कि सुनील मान गया है , कल वो भी तुम्हे चोदेगा।

रातभर मां-बेटे की चुदाई के बारे में सोच-सोच कर मन पुलकित होता रहा।

अगले दिन सुबह अंकल सात बजे काम पर चले गये। मैने आन्टी को नीचे बुलाकर ब्लू फ़िल्म देखने के लिये मोबाईल दे दिया। करीब 15 मिनट बाद आन्टी गरम होकर अपने आप नीचे आ गयीं। मैं और पार्ट्नर आन्टी पर टूट पड़े। एक दूसरे के कपड़े उतारकर हम तीनों नंगे हो चुके थे।

आन्टी को बिस्तर पर लिटाकर पार्टनर चूत चाट्ने लगा और मैं चूचियों पर टूट पड़ा। चूचियां रगड़_रगड़ कर लाल हो चुकीं थी। अब मैं उठकर आन्टी के ऊपर घुटनों के सहारे बैठ कर लौड़ा मुंह मे डाल दिया, आन्टी बड़े प्यार से लौड़ा चूसने लगीं। उधर पार्ट्नर ने चूत चाट कर आन्टी को बेहाल कर दिया था। आन्टी मजे में बड़बड़ा रही थी , मुझे चोदो फ़ाड़ दो मेरी चूत ,साली बहुत लपलप कर रही है। पार्ट्नर ने अपना लंड चूत मे डाल दिया, आन्टी मजे से सित्कार उठीं॥ अब मुझे याद आया कि सुनील अभी नही आया है, मैने सुनील को फ़ोन लगाया और जल्दी से नीचे आने को कहा। 4-5 मिनट बाद पार्ट्नर झड़ गया, अब मैने अपना लंड चूत मे डाल कर पेलने लगा। हम दोनों उत्तेजना से सित्कारने लगे। अब मैने आन्टी को डागी स्टाईल में पेलने लगा। पीछे से चूचियां पकड़कर शाट मारने का अलग ही मज़ा है। सुनील भी आकरके दरवाजे पर खड़ा होकर लौड़ा हाथ मे लेकर हिला रहा था। मैने उसे इशारे से पास बुलाया और लौड़ा आन्टी के मुंह मे देने के लिये कहा। वह आकर आन्टी के पास खड़ा हो गया। आन्टी ने सर ऊपर उठा कर देखा और उसका लौड़ा हाथ मे पकड़कर हिलाने लगीं, मारे उत्तेजना के सुनील कांपने लगा। उसने आन्टी का सर पकड़कर लौड़ा मुंह मे धकेल दिया और जोर जोर से पेलने लगा। पेलते पेलते मैं भी झड़ गया। अब केवल सुनील बचा था, आन्टी ने पूरा जोर लगा दिया, अतिउत्तेजना से सुनील भी झड़ने लगा और पूरा का पूरा माल आन्टी के मुंह मे निचोड़ दिया।
हम चारों बिस्तर पर लेट गये। आन्टी और सुनील आंखे नही मिला पा रहे थे, तब पार्ट्नर ने सुनील से पूछा कि कैसा लगा, वो सर नीचे करके मुस्कुराने लगा।

आन्टी ने कहा ''सुनील तुम तो पूरे जवान हो गये हो, मैं तो तुम्हे बच्चा समझ रहीं थी'' ।

सुनील बोला '' मम्मी मैं तो कब का जवान हो चुका हूं , दो सालों से आपको चोदने के बारे मे सोच-सोच कर मुठ मार रहा हूं''

आन्टी ने कहा; '' तो मादरचोद तुम्हें कहना चाहिये था न कि मम्मी मैं आपको चोदना चाहता हूं , मैं तो कब से चाह रही थी कि कोई मुझे चोदे, तेरा बाप तो साला गाडूं है , साले के पास लंड नही लुल्ली है, पता नहीं कैसे उसने तुम तीन भाईयों को पैदा किया, साले का लंड खड़ा ही नही होता है। अगर उस दिन विशाल ने तुम्हारे नामर्द पापा को मुझे पेलते हुये नहीं देखा होता तो पता नही कब तक मैं प्यासी ही रहती''

मैने कहा कि '' जानेमन अगर उस दिन मैने तुम लोगों को नही देखा होता तो किसी और तरीके से तुमको पटाया होता लेकिन चोदता जरूर,, आखिर तुमको चोदने के लिये ही तो ये रूम लिया था '' ॥
बात करते-करते मां और बेटे के बीच कि झिझक खत्म हो गयी॥ मेरा और पार्ट्नर का दोबारा चोदने का मन नही था और हम दोनों सुनील कि मदद करने लगे, आखिर उसका ये पहली बार सेक्स था।
आन्टी बातों ही बातों मे सुनील को उकसा रही थीं । सुनील भी जोश मे आ चुका था। वो चूचियों को रगड़ने लगा और मुंह लगाकर पीने लगा, आन्टी भी उसका लंड मसलने लगीं और एक हाथ से चूत रगड़ने लगीं । फ़िर क्या था दोनों मे गुठ्ठम-गुठ्ठी होने लगी॥ मां और बेटे की चुदाई को देखकर मन रोमान्चित होने लगा॥
मैने सुनील को इशारा कहा कि चूत को चाटो तो वो चूत पर टूट पड़ा, आन्टी मस्ती से बलखाने लगीं ॥ भले ही कुछ देर पहले मेरा चुदाई करने का बिल्कुल भी मन नही था लेकिन उन दोनों की चुदाई देखकर मेरा भी फ़िर से ईमान डोलने लगा, मैं भी आन्टी पर टूट पड़ा, अपना लन्ड आन्टी के मुंह मे पेल दिया ॥ उधर सुनील भी पता नही कब चूत चाटते-चाटते चोदना शुरू कर दिया था॥ आन्टी ने चूस-चूस कर मेरे लौड़े का पानी निकाल दिया और पूरा का पूरा माल गटक गयीं॥ सुनील भी जल्दी ही चरम सीमा पर पहुंच गया और चूत में ही झड़ गया॥
हम सब लोग थक चुके थे, आन्टी और सुनील ऊपर अपने रूम पर चले गये और हम दोनो नहाने चल दिये। अब सुनील और हम तीनों के बीच का भेद खत्म हो चुका था, इसलिए अब बेधड़क जब भी मन होता सेक्स का खेल शुरू हो जाता………।

दोस्तों ये थी मेरी कहानी आपको मेरी कहानी कैसी लगी मुझे जरुर बताएं।
Send this user an email Send this user a private message Find all posts by this user
Quote this message in a reply
Post Reply 


[-]
Quick Reply
Message
Type your reply to this message here.


Image Verification
Image Verification
(case insensitive)
Please enter the text within the image on the left in to the text box below. This process is used to prevent automated posts.

Possibly Related Threads...
Thread: Author Replies: Views: Last Post
  चुदवाने के चक्कर मे gungun 0 83,816 08-07-2014 01:28 PM
Last Post: gungun



User(s) browsing this thread: 3 Guest(s)

Indian Sex Stories

Contact Us | tzarevich.ru | Return to Top | Return to Content | Lite (Archive) Mode | RSS Syndication

Online porn video at mobile phone


hot fuck teluguhindi bangla sexdesi odia sex storygay sex kathaluchut ki chodayitamil maja kama kathaishrungara kathegala rajaaaahh doctor jldi daalo ander aahhh zor sedownload sexy hindi storyfreemalayalamsexbhai bahan xxx kahaniholi me chudai storychut sister kichut sister kimallu stories in malayalam pdfjayavani xnxxaunty kamammasala storiestelugu amma koduku buthu kathalusuhagrat ki kathahindi hot story hindisex xxx telugu akrama sambhandam videoxxx hindi hot sextamil akka thambi sexbijapur sexവലിയ കുണ്ടി സെക്സ് കഥmaharashtrian marathi sexफुगलेली पुच्ची फ़ोटोkannada love stories pdfbanglasexstories netsaas ki chudaikannada srxtelugu hot fucksex stories of familychut ka darddesi bhabhi sex hindi storysexy storiymaa ko mene chodapariwarik chudai ki kahanisuhagraat ki dastanbest xxx storiesrandi ki chudai ki storyshasu ki chudaisex marathi storiesमेरी चूत भाई का दोस्त मरीchudai marathi kahaniwww telugu sex combhai k sath sexபால் குடிக்கும் செக்ஸ் கதைகள்sex with marathi bhabhidesi hindi storyhindi marathi sexakka tammudu dengulatachuchi dabaokama kathai thamilkannada real love storiesనీ మెసేజ్ కోసం నేను ఎదురు చూస్తున్నానుtelugu sarasa kathalu fullmarati sax storynayi bahu ki chudaidengulata kathalumami kamakathaiतिची गांडtelugu xnxx inmause ko chodaകുത്തു കഥകൾrazia ki chutindian choot storykannada latest kama kathegaluathai kama kathai in tamilbad tamil sex storieschudai story newchachi ko choda hindi sexy storykannada romantic storiesfree indian sex desihot kamwalimarathi sexstoriesaunty fucking storiesiss storiesindian first night storiespokat kore dhokalo